जयपुर, 30 अगस्त (Udaipur Kiran) ।जयपुर जिले की दक्षिण पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ दो कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटरों सहित ठगी के लिए किराए पर बैंक अकाउंट मुहैया कराने वाली गैंग के नौ आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 कंप्यूटर, दो लैपटॉप, 32 मोबाइल विथ सिम कार्ड, 14 सिम कार्ड, 30 एटीएम कार्ड, 4 चेक बुक, दो पासबुक, तीन वाई-फाई मॉडेम और 2.35 लाख रुपए नगदी बरामद की गई है। पुलिस जांच मे सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में साइबर पोर्टल पर 25 शिकायत दर्ज हैं। करीब 10 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
फर्जी आईडी से ई-मित्र खुलवाने का झांसा
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि साइबर सेल जयपुर दक्षिण, शिप्रा पथ थाना और मानसरोवर थाना पुलिस ने साइबर ठगी की वारदातों को लेकर शिप्रापथ थाना इलाके में फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है। फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से करोड़ों रुपए की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपी फर्जी आईडी देकर ई-मित्र की सेवाएं मुहैया कराने का झांसा देते थे. झांसे में आने के बाद लोगों से मोटी रकम वसूलते थे. दोबारा संपर्क करने पर पीड़ितों से संपर्क बंद कर देते थे. पुलिस ने फर्जी कॉल संचालन के मामले में काना राम गुर्जर (22) निवासी कोटखावदा जयपुर और संजय मीणा (26) निवासी बहरोड-कोटपुतली हाल शिप्रा पथ जयपुर को गिरफ्तार कर मौके से कंप्यूटर, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं।
बैंक अकाउंट मुहैया कराने वाली गैंग ऑनलाइन ठगी के लिए झांसा देकर खुलवाते थे खाते
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया वहीं दूसरी कार्रवाई के दौरान मानसरोवर इलाके में ऑनलाइन ठगी के लिए बैंक अकाउंट मुहैया कराने वाली गैंग के राकेश कुमार उर्फ हनी (26) निवासी सिंघाना जिला झुंझुनू,मुकेश सिह (30) निवासी गुढा जिला झुंझुनू ,अनुज कुमार (21) निवासी गुढा जिला झुन्झनू,अजरूदीन अहमद उर्फ अजर (26) निवासी शास्त्री नगर जयपुर ,आरिश खान (20) निवासी मनोहरपुर जयपुर भट्टा बस्ती जयपुर ,कन्हैया लाल पुर्बिया (24) निवासी काकरोली जिला राजसमंद हाल चित्रकूट जयपुर और चंद्रप्रकाश पुर्बिया (27) निवासी काकरोली जिला राजसमंद हाल चित्रकूट जयपुर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी लोगों को पैसा या अन्य लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेजों से बैंक अकाउंट खुलवाते थे। इसके बाद इन बैंक खातों को ऑनलाइन ठगी करने वाले लोगों को मुहैया करवाते थे। पुलिस ने इन आरोपों से चेक बुक, पासबुक, मोबाइल फोन और सिम कार्ड, लैपटॉप और 2.35 लाख रुपए नकदी समेत अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। दोनों कार्रवाई में साइबर सेल साउथ के हेड कांस्टेबल लोकेश कुमावत और कांस्टेबल महावीर की विशेष भूमिका रही।
गैंग का मुख्य सरगना हिस्ट्रीशीटर राकेश कुमार उर्फ हनी
गैंग का मुख्य सरगना हिस्ट्रीशीटर राकेश कुमार उर्फ हनी है. साइबर फ्रॉड के लिए किराए पर बैंक खाता उपलब्ध करवाने के लिए नेटवर्क बना रखा था। साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर और साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खाता उपलब्ध करवाने वाली गैंग के कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गैंग से मिले खातों के विरुद्ध राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में साइबर पोर्टल पर 25 शिकायतें दर्ज हैं। करीब 10 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। आरोपी हिस्ट्रीशीटर राकेश कुमार उर्फ हनी के खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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(Udaipur Kiran)
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