नई दिल्ली: प्रदूषण की वजह से लोगों की उम्र कम हो रही है। खास तौर पर दिल्ली, बिहार, हरियाणा और यूपी के लोगों पर प्रदूषण का सबसे अधिक असर हो रहा है। दिल्ली में लोगों की उम्र 8.2 साल कम हो रही है। वहीं बिहार में यह 5.4 साल, हरियाणा में 5.3 और यूपी में 5 साल है। अगर डब्ल्यूएचओ के मानक के अनुरूप प्रदूषण में कमी आए तो हर भारतीय की उम्र 3.5 साल बढ़ सकती है। देश के सभी 1.4 अरब लोग ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां पीएम 2.5 का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से अधिक है।
लोगों की उम्र कम कर रहा प्रदूषण
प्रदूषण सिर्फ भारत के लिए चिंता नहीं बढ़ा रहा है। यह भारत के पड़ोसी देशों के लोगों की भी उम्र कम कर रहा है। दुनिया भर में भारत इस मामले में दूसरे नंबर पर है। औसत हर भारतीय की उम्र 3.53 साल कम हो रही है।
प्रदूषण में इस साल आई थी गिरावट
द एनर्जी पॉलिसी इंस्टिट्यूट ऐट यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो (EPIC- इंडिया) की इस रिपोर्ट के अनुसार 2002 में प्रदूषण के स्तर में भारत में रिकॉर्ड गिरावट आई थी, लेकिन 2023 में यह बढ़ गया। देशभर का PM 2.5 का सालाना स्तर 41 MGCM रहा है। यह WHO के मानकों से 8 गुणा अधिक है।
प्रदूषण कम करने से होगा फायदा
उत्तरी मैदान का क्षेत्र देश में सबसे प्रदूषित है। यहां पर 54.44 करोड़ लोग रहते हैं। यहां पर प्रदूषण कम करने से औसत 5 साल उम्र बढ़ेगी। इस मामले में पहले पायदान पर बांग्लादेश है। यहां पर प्रदूषण की वजह से लोग अपनी उम्र के 5.47 साल गंवा रहे हैं। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर पाकिस्तान, चौथे पर नेपाल का नाम है।
बढ़ सकती है लोगों की उम्र
इसका साफ मतलब है कि भारत के सबसे साफ राज्यों में रहने वाले लोगों की उम्र भी प्रदूषण में कमी से 9.4 साल बढ़ेगी। अगर पीएम 2.5 के स्तर को 5एमजीसीएम तक कम कर दिया जाए तो राजधानी के लोगों की उम्र 8.2 साल बढ़ सकती है। देश की 46% आबादी ऐसे इलाकों मं रहती हैं जहां पीएम 2.5 का सालाना स्तर 40 एमजीसीएम है। यहां प्रदूषण में कमी लोगों के जीवन को 1.5 साल बढ़ा सकती है।
कम करने का रखा गया लक्ष्य
रिपोर्ट के अनुसार देश में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) 2019 में शुरू हुआ। इसमें प्रदूषण को 2017 की तुलना में प्रदूषण को 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा गया। एनसीएपी से 44.34 करोड़ लोगों की उम्र 6 महीने बढ़ी।
लोगों की उम्र कम कर रहा प्रदूषण
प्रदूषण सिर्फ भारत के लिए चिंता नहीं बढ़ा रहा है। यह भारत के पड़ोसी देशों के लोगों की भी उम्र कम कर रहा है। दुनिया भर में भारत इस मामले में दूसरे नंबर पर है। औसत हर भारतीय की उम्र 3.53 साल कम हो रही है।
प्रदूषण में इस साल आई थी गिरावट
द एनर्जी पॉलिसी इंस्टिट्यूट ऐट यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो (EPIC- इंडिया) की इस रिपोर्ट के अनुसार 2002 में प्रदूषण के स्तर में भारत में रिकॉर्ड गिरावट आई थी, लेकिन 2023 में यह बढ़ गया। देशभर का PM 2.5 का सालाना स्तर 41 MGCM रहा है। यह WHO के मानकों से 8 गुणा अधिक है।
प्रदूषण कम करने से होगा फायदा
उत्तरी मैदान का क्षेत्र देश में सबसे प्रदूषित है। यहां पर 54.44 करोड़ लोग रहते हैं। यहां पर प्रदूषण कम करने से औसत 5 साल उम्र बढ़ेगी। इस मामले में पहले पायदान पर बांग्लादेश है। यहां पर प्रदूषण की वजह से लोग अपनी उम्र के 5.47 साल गंवा रहे हैं। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर पाकिस्तान, चौथे पर नेपाल का नाम है।
बढ़ सकती है लोगों की उम्र
इसका साफ मतलब है कि भारत के सबसे साफ राज्यों में रहने वाले लोगों की उम्र भी प्रदूषण में कमी से 9.4 साल बढ़ेगी। अगर पीएम 2.5 के स्तर को 5एमजीसीएम तक कम कर दिया जाए तो राजधानी के लोगों की उम्र 8.2 साल बढ़ सकती है। देश की 46% आबादी ऐसे इलाकों मं रहती हैं जहां पीएम 2.5 का सालाना स्तर 40 एमजीसीएम है। यहां प्रदूषण में कमी लोगों के जीवन को 1.5 साल बढ़ा सकती है।
कम करने का रखा गया लक्ष्य
रिपोर्ट के अनुसार देश में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) 2019 में शुरू हुआ। इसमें प्रदूषण को 2017 की तुलना में प्रदूषण को 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा गया। एनसीएपी से 44.34 करोड़ लोगों की उम्र 6 महीने बढ़ी।
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