New Delhi, 30 अगस्त . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में फरवरी 2023 में भारतीय सेना के जवान मोतीराम अचला की हत्या के मामले में पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है.
यह पूरक आरोपपत्र जगदलपुर की एनआईए विशेष अदालत में दायर किया गया, जिसमें प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े पांच आरोपियों, भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम और सोनू हेमला पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूए(पी) एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
घटना फरवरी 2023 में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव के मेले में हुई, जहां माओवादी सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने मोतीराम अचला की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस समय वह अपने परिवार के साथ मेला देखने गए थे. एनआईए की जांच से पता चला कि भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल और अंदूराम सलाम माओवादियों के सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे, जबकि सोनू हेमला भाकपा (माओवादी) की कुयेमारी एरिया कमेटी का सशस्त्र कार्यकर्ता था. इन सभी ने एक वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर अचला की पहचान की और स्थानीय बाजार में उनकी हत्या की साजिश रची.
एनआईए ने मार्च 2025 में इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनका उद्देश्य स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना था. इससे पहले, जून 2024 में इस मामले में एक अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया गया था. यह मामला फरवरी 2024 में स्थानीय पुलिस से एनआईए ने अपने हाथ में लिया था. जांच एजेंसी ने पाया कि यह हत्या माओवादियों की उस व्यापक साजिश का हिस्सा थी, जिसका मकसद क्षेत्र में आतंक फैलाना और सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था.
एनआईए ने कहा कि इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है.
–
एससीएच/एएस
You may also like
राष्ट्रीय राजमार्ग लिंक रोड निर्माण में तालाब से अवैध खनन के खिलाफ याचिका पर कम्पनी को नोटिस
फ्लैश बाढ़ प्रभावित तवी आइलैंड के दौरे पर पहुंचे अजय कुमार सढोत्रा, भाजपा पर साधा निशाना
बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए बनी विधायक पहुंचे दुग्गनी, 38 परिवारों को दी त्वरित राहत
डिवाइडर तोड़कर 40 फीट दूर दुकान में घुसा कार
औषधीय पादक बोर्ड के चेयरमेन विकास मरकाम ने किया पौधारोपण का औचक निरीक्षण